सोमवार, 23 फ़रवरी 2009

क्या आप जानते हैं ?


1. अंको का आविष्कार भारत में ३०० .पू. हुआ था।
2. शून्य का आविष्कार भारत में ब्रह्यगुप्त ने किया था।
3. अंक गणित का आविष्कार 200 .पू. भास्करार्चाय ने किया था।
4. बीज गणित का आविष्कार भारत में आर्यभट्ट ने किया था।
5. सर्वप्रथम ग्रहों की गणना आर्यभट्ट ने 499 .पू. की थी।
6. मोहन जोदड़ो और हडप्पा में मिले अवषेशों के अनुसार भारतीयों को त्रिकोणमिती और रेखागणित का ज्ञान.पू. था।
7. जर्मन लेखक थामस के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता में मिले भार मापक यंत्र भारतीयों के दशमलव प्रणाली केज्ञान को दर्शाते हैं।
8. समय और काल की गणना करने वाला विश्व का पहला कलेण्डर भारत में लता देव ने 505 .पू. सूर्य सिद्धांतनामक अपनी पुस्तक में वर्णित किया है।
9. विश्व में सबसे पहले चरक ने 2500 वर्ष पूर्व औषध विज्ञान को आयुर्वेद के रूप में संकलित किया।
10. लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के अनुसार 400 .पू. सुश्रुत ने सर्वप्रथम प्लास्टिक सर्जरी का प्रयोग किया।
11. विश्व के पहले लेखन कार्य का प्रमाण 5500 वर्ष पूर्व हडप्पा सभ्यता के अंतर्गत मिलता है।
12. विश्व का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला के रूप में 700 .पू. भारत में स्थापित हुआ। जहां दुनिया भर केविद्यार्थी लगभग 60 विषयों का अध्ययन करते थे।
13. पाइथागोरस प्रमेय की खोज बोधायन ने की थी लेकिन आज भी उसे पाइथागोरस प्रमेय के नाम से जाना जाताहै।
इतना ही नहीं और भी कई बातें हैं जिनसे हम-तुम सब अनजान हैं। जागो अपने अस्तित्व को पहचानों और अपने ज्ञान को ढूंढो वह यहां-वहां बिखरा पड़ा है। जरूरत है उसे समेटने की। अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी है या मिलती है तो उसका प्रसार करें। साथ ही मुझे मेरे ईमेल -rajpoot1983lokendra@gmail.com पर भेजने काकष्ट करें। जय भारत - जय भारत की प्रखर संतान।

3 टिप्‍पणियां:

Shikha Deepak ने कहा…

रोचक जानकारी। धन्यवाद।

dharmveer ने कहा…

hum kya karein? hamara course design karne walon mein hi sence nahi hai............
apka bahut-bahut dhanyawad....

Rahul Singh ने कहा…

aapke post me dil dukhane jaisa to kuchh nahi laga mujhe, balki garv hi hota hai. is tarah ki jankariyo ki kai pramanik pustake hai. ek jo abhi yaad hai 'the wonder that was india'. max muller ki 'india, what it can teach us' me bhi aisi bate hai.