कोई तो सुने इनकी पुकार

>> शुक्रवार, ८ मई २००९

पाकिस्तान में हो रहा है हिंदुओं पर अत्याचार

पाकिस्तान में रह रहे सिख बंधु बहुत व्याकुल हैं। व्यथित हैं। सो रहें होंगं कभी तो कोई हमारे लिए आवाज उठाएगा। मेरे अपने हिन्दु भाई मेरे लिए हुंकार भरेंगे । कोई सामाजिक - राजनीतिक - धार्मिक संगठन मदद के लिए हाथ बढ़ाएगा। क्योंकि अब तक ऐसा ही होता आया है। अब जब पाक में रह रहे सिखों का जीने के लिए जजिया चुकना पड़ रहा है तो स्वभाविक है उनके मन में इस तरह के ख्यालात आना। पाक में उनकी हालत बहुत दयनीय है जिंदा रहने के लिए उन्हें मुस्लिम संगठनों को लाइफ टेक्स (करोड़ों में) चुकाना पड़ता है इसके बाबजूद भी देश विभाजन के बाद से लगातार पाक में रह रहे हिन्दुओं की संख्या लगातार घट रही है। (आश्चर्य - संख्या वृद्धि के जगह घट रही है। कारण हिन्दुओं पर अत्याचार) पाकिस्तान में हिन्दुओं पर मुस्लिम संगठनों का इतना दबाब रहता है कि उन्हें कुछ भी, कैसे भी करके जजिया चुकाना पड़ता है वरना मुस्लिम अत्याचारी उनकी लड़कियों को उठा ले जाते हैं, मकान - दुकान तोड़ देते हैं, बलात् धर्म परिवर्तित कर देते है यह क्रूर सत्य है।
पर दुर्भाग्य है पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओं का जो उनके लिए कोई नारे बुलंद नहीं करता। धर्म निरपेक्षता की बात करने वाले कम्यूनिष्ठ ( कम्यूनिष्ठ - भारत के प्रति कम निष्ठावान), हिन्दुत्व की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी भी ध्यान नहीं देती। कांग्रेस की तो बात ही क्या करें उनके घुटने भी वामपंिथयों की तरह हमेशा मुस्लिम हितों की ओर झुकते हैं। कुछ एक अपराधी प्रवुति के मुस्लिम गुजरात में संर्दिग्ध परिस्थितियों में मारे गए उनके लिए तो सब हो हल्ला मचाते है इन पर हो रहे अत्याचार किसी को नहीं दिख रहे। कांग्रेस के नेता और भारत के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने आस्ट्रेलिया में आंतकवादी गतिविधियों के संदेह में गिरफ्तार मोहम्मद हनीफ की गिरफ्तारी पर कहा था - मुझे रात भर नींद नहीं आई। उन्हीं प्रधानमंत्री को सैंकड़ो मील दूर आंतकवादी गतिविधियो में लिप्त हनीफ की गिरफ्तारी पर नींद नहीं आई वहीं आंख के सामने पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे अत्याचार पर आंख, कान और मुँह सब बंद कर रखे है। वे तथाकथित धर्मनिरपेक्षी हिन्दू भी आवाज नहीं उठा रहे जिन्हें अल्पसंख्यकों की बढ़ी चिंता रहती है पाक में सिख की अल्पसंख्यक है जरा ध्यान दो। इस्लाम की सही शिक्षा और सही रूप प्रस्तुत करने वाले
पाक-साफ मुस्लिम संगठन भी खामोश है। जबकि जजिया लेने वाले चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं हम जो कर रहे हैं कुरान शरीफ के हिसाब से कर रहें हैं। ये लोग भी तभी घर से निकलते हैं जब इनके लोगों का नाम आंतकवादी गतिविधियों में फंसता है। तब सब अपने को पाक-साफ साबित करने के आगे आते है। इनके लोगों द्वारा किए जा रहे कामों का ये कभी विरोध करने के लिए एक साथ नहीं खड़े होते।
आपको लग रहा होगा मैं मुस्लिम विरोधी मानसिकता से लिख रहा हूँ पर सत्य यह है कि मैं चाहता हूँ सब बिना भय के साथ-साथ रहें। पर उसके लिए एक-दूसरे के लिए आगे आना पड़ता है भारत में एक समय बगदाद के खलीफा के अधिकार छीने जाने पर महात्मा गांधी ने हिन्दु-मुस्लिम सबके साथ मिलकर आंदोलन चलाया था। तो क्या हम पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करें।
सर्वे भवन्तु सुखिना...........
यही मेरी और मेरे पूर्वजों की सोच है।

7 टिप्पणियाँ:

दिगम्बर नासवा ८ मई २००९ ४:१९ PM  

सही लिहा..........ये सरकार बस घडियाली आंसू बहाती है............सरहद पार से इन्हें कोई मतलब नहीं.......देश चाहे डूब जाये शर्म की बात है मीडिया ने भी इसे प्रमुखता से नहीं उठाया

rahul kumar ८ मई २००९ ९:४७ PM  

सबसे पहले यह कि यह बातें, सूचनाएं और नफरत के बीज आप तक पहुंचाई किसने। जजिया कर की बात जरूर मीडिया में आ रही है पर बाकी बातें कहां से आप तक पहुंची, नहीं जानता। पर यह जरूर कह सकता हूं कि अगर आप संघ की शाखाओं में कुछ कथित देशभक्तों की भूमिका निभाने वालों के मुंह से सुनकर यह सब लिख रहे हैं तो भूल कर रहे हैं। क्योंकि कम से कम यह आपकी नियति तो नहीं है।
और दुनिया जानती है कि इस नफरत के पीछे की हकीकत व दुख क्या है। पीड़ा और अत्याचार दोनों समुदायों के लोगों ने झेले हैं। वह भी महज आम लोगों ने। भाषणों में नफरत फैलाने वालों के परिवार वाले कभी नहीं मारे जाते। हालात नफरत से नहीं मिटने वाले। न ही किसी वर्ग विशेष से नफरत करने वालों से। यह तो राजनेताओं की लोलूपता है कि वह वर्ग विशेष को मुद्दा बना लेते हैं। बताईये जरा जब हिंदू ही हिंदू लड़की से सामूहिक बलात्कार करता है तो कौन सा वर्ग दोषी है ? इसे आप क्या कहेंगे.... और जो कहेंगे वह दूसरे वर्ग द्वारा करने पर क्यों नहीं कह सकते......?

www.जीवन के अनुभव ८ मई २००९ १०:३८ PM  

मैं राहुलजी की बात से सहमत है। क्या आपको नहीं लगता कि कहीं न कहीं आप भी इस हिन्दु मुस्लिम के भेद को बढ़ाने में सहायक है। पाकिस्तान में मुस्लिमों पर भी इतने निर्मम अत्याचार होते है। फिर उनके लिए हिन्दु मुस्लिम क्या है। कई पाकिस्तानी मुस्लिम ऐसे भी है जो अपने अपने धर्म की बुराईयों और हिन्दु धर्म की अच्छाईयों की सराहना करते है। इसके लिए जाहिदा हिना के पाकिस्तान डायरी पढ़िये आपको यकीन हो जाऐगा।

दिल दुखता है... ८ मई २००९ ११:३८ PM  

सबसे पहले तो राहुल जी आपको बता देता हूँ.. शायद आप कभी संघ की शाखा में गए नहीं है.. नहीं तो यह बात नहीं कहते की संघ मुसलमानों की खिलाफ लोगो के कान भरता है... यदि ऐसा होता तो जो पाकिस्तान में हालत हिन्दुओ की है वो भारत में मुस्लिमो की होती पर हिन्दू ऐसा नहीं होता और नहीं संघ इस तरह का काम करता है... आपकी जानकारी के लिए बता देता हूँ.. संघ इस समय बहुत बड़े स्तर पर राष्ट्रवादी मुस्लिमो को एक मंच पर इकट्ठा कर रहा है. और भी कई उदहारण है.. अगर लिखने बैठा तो एक किताब लिख जायेगी, इन बातो पर... झूठ या लाफ्बजी नहीं लिखूंगा... अगर इच्छा हो तो उन सबूतों से भी मिल लेना. सिर्फ बैठ कर सोचने से कुछ नहीं होता, अनुभव करो और जियो..... और मैंने बात उठाई थी पाकिस्तान में हो रहे हिन्दुओ पर अत्याचारों की अपने बात पहुंचा दी संघ और मुस्लिम पर. और रही बात हिन्दुओ द्वारा हिन्दू लड़की के साथ बलात्कार या अन्य किसी गलत हरकत की तो वो कोई भी करे माफ़ी के लायक नहीं है... लेकिन पाकिस्तान में यह टारगेट के साथ हो रहा है और हिंदुस्तान में भी... उठा कर देख लो कुछ सालो के आंकडे कितने मुस्लिम लड़के हिन्दू लड़की को भगा कर ले गए है... मैंने देखा है उनकी हरकतों को और मैं उनके साथ रहा भी हूँ... उनको समझने के लिए. एक जगह नहीं ग्वालियर में भी और भोपाल में भी. कुछ दिन पहले की दतिया की घटना और अभी ताज़ा ताज़ा ग्वालियर की घटना को उठा कर देख लीजिये.... मैंने तो बस इतना ही पूछा था की कितने मुस्लिम संघटनों ने जजिया कर के खिलाफ आवाज उठाई और कितने हिन्दू संघतनो ने... मैंने सिर्फ मुस्लिम संघटनों को टारगेट नहीं किया था...

ѕαηנαу ѕєη ѕαgαя १४ मई २००९ ३:२३ PM  

यह पढ़कर बहुत ही दुःख हुआ की भारत मे देखो मुस्लिमों से कितना प्यार है लेकिन पकिस्तान मे हिन्दुओं के साथ यह व्यबहार??
बहुत बुरा है
अच्छा लिखा है आप इसी तरह लिखते रहें !
हिन्दुस्तान का दर्द को आपके ब्लॉग पर देखकर ख़ुशी हुई !

संजय सेन सागर

ѕαηנαу ѕєη ѕαgαя १४ मई २००९ ३:२३ PM  

यह पढ़कर बहुत ही दुःख हुआ की भारत मे देखो मुस्लिमों से कितना प्यार है लेकिन पकिस्तान मे हिन्दुओं के साथ यह व्यबहार??
बहुत बुरा है
अच्छा लिखा है आप इसी तरह लिखते रहें !
हिन्दुस्तान का दर्द को आपके ब्लॉग पर देखकर ख़ुशी हुई !

संजय सेन सागर

गर्दूं-गाफिल ५ जून २००९ १:५२ AM  

बहुत दमदार तर्कों के साथ अपनी बात कही है
यशस्वी भव:

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